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ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इन एग्रीकल्चर क्या है? Blockchain Technology In Agriculture Product Supply Chain

हाल के कुछ वर्षों में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जीवन के विविध क्षेत्रों में एक क्रांतिकारी समाधान के रूप में उभरा है।  कृषि का क्षेत्र भी इसके प्रभाव से अछूता नहीं है।  वर्तमान समय में भारतीय किसान बिचौलियों के शोषण, पारदर्शिता में कमी, अकुशल आपूर्ति शृंखला जैसी विविध समस्याओं का सामना कर रहा है।  ऐसे में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी किसानों के लिए एक उम्मीद की किरण बन गयी है।  इस ब्लॉग के माध्यम से हम ये जानकारी देने वाले हैं की किस प्रकार ‘ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इन एग्रीकल्चर क्या है ’ किसानों के  हितों की सुरक्षा, फसल का उचित मूल्य तथा बाजार तक आसान पहुंच प्रदान कर कृषि उद्योग में सुधार कर सकती है।  

 

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इन एग्रीकल्चर क्या है? Blockchain Technology In Agriculture Product Supply Chain
भारतीय कृषि में ब्लॉककचेन टेक्नॉलजी का लाभ

 

ब्लॉग में आगे बढ़ने से पहले  आइये ये समझते हैं की ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है ?

 

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है?

 

मान लीजिए कंप्यूटर पर एक बही खाता  है जो प्रत्येक लेनदेन की जानकारी रखता है।  लेकिन जानकारी के भण्डार करने का तरीका अलग होता है।  इस बही खाते में जानकारी  ब्लॉक्स में  रखी  जाती है। इस प्रकार प्रत्येक लेन-देन पिछले लेन-देन से जुड़ा डेटा का एक ब्लॉक है।  इस प्रकार बॉक्स मिलकर एक श्रृंखला बनाते हैं जिसे “ब्लॉकचेन”  कहते हैं। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक  विकेन्द्रीकृत प्रणाली  है सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी  एक इकाई का पूर्ण नियंत्रण न हो।   

 

हमारा ये ब्लॉग कृषि क्षेत्र में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के महत्व से संबंधित  है इसलिए टेक्नोलॉजी के अन्य क्षेत्रों में उपयोगिता का उल्लेख न कर कृषि क्षेत्र से लाभों पर ब्लॉग को केंद्रित करेंगे।  

 

कृषि आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और विश्वास को बढ़ावा 

 

भारत में किसानों की सबसे बड़ी समस्या पारदर्शी आपूर्ति श्रंखला का अभाव है। पारंपरिक आपूर्ति श्रंखला में किसान बिचौलियों के शोषण का शिकार बनते हैं तथा इन्हें इनकी उपज की उपयुक्त कीमत भी नहीं प्राप्त होती है।  आपूर्ति श्रंखला में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को प्रयोग करने से खेत से लेकर अंतिम  उपभोक्ता तक  प्रत्येक लेनदेन को रिकॉर्ड किया जाता है जिसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

 ये पारदर्शी प्रणाली सभी हितधारकों के बीच विश्वास पैदा करती है।  किसानों को उनकी उपज, कीमत और उपभोक्ता की प्रतिक्रिया के विषय  में वास्तविक समय की जानकारी तक पहुंचने में मदद मिलती है।

 

उदाहरण: 

इस प्रक्रिया को और बेहतर ढंग से समझने के लिए आइए ग्रामीण भारत के एक ऐसे किसान को उदाहरण के रूप में लेते हैं जो जैविक सेब की खेती करता है।  किसान ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफार्म का उपयोग करके अपनी उपज का विवरण दर्ज कर सकता है।

जैसे जैसे सेब आपूर्ति श्रृंखला में आगे बढ़ेगा प्रत्येक लेनदेन ब्लॉकचेन में जुड़ता जाएगा।  अब सेब के खुदरा विक्रेता और उपभोक्ता सेब की पैकेजिंग पर  क्यूआर कोड को स्कैन करके सेब की बागवानी, इसके उत्पादन के तरीके तथा प्रमारण  के संबंध  में जानकारी प्राप्त कर सकता है। 

 उपभोक्ता को उसके खरीदे जाने वाले प्रोडक्ट के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्रोडक्ट के प्रति उसके  विश्वास को बढ़ाती है और किसान के प्रयासों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करती है।

 

 बिचौलियों के शोषण को कम  करना 

 

बिचौलिए लंबे  अरसे  के किसानों के विकास में बाधक रहे हैं। किसानों के उपज के लाभांश का अधिकांबिचौलिए लंबे समय से भारतीय किसानों के लिए एक बाधा बने हुए हैं, जो मुनाफे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खा जाते हैं। ब्लॉकचेन की विकेंद्रीकृत प्रकृति पीयर-टू-पीयर ( peer-to-peer)  लेनदेन  को बढ़ावा देती है जिसके परिणामस्वरूप  बिचौलियों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

 पूर्व निर्धारित शर्तों के साथ स्मार्ट अनुबंध पूरा होने पर किसानों को स्वचालित माध्यम से सही समय पर भुगतान हो जाता है।  इस संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के हेर फेर की संभावना समाप्त हो जाती है जिसके कारण  किसानों को लाभ का वह हिस्सा भी प्राप्त हो जाता है जो अभी तक बिचौलियों के हिस्से में जाता था। 

 भारत में  ब्लॉकचेन  टेक्नॉलजी को प्रभावी बानने से  स्मार्ट अनुबंध, पूर्व निर्धारित शर्तों के साथ स्व-निष्पादित समझौते, उपज के गंतव्य तक पहुंचने के बाद किसानों को भुगतान स्वचालित कर सकते हैं। इससे हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो जाती है और यह सुनिश्चित होता है कि किसानों को उनका उचित हिस्सा मिले।

 

उदाहरण: 

 पंजाब  का कोई गेहूं किसान  ब्लॉकचेन-आधारित प्लेटफार्म का उपयोग करके अन्य राज्यों की  आटा मिलों  से सीधे जुड़ सकता है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया स्मार्ट अनुबंध किसान को ये गारंटी देता है की जब गेहूं मिल पर पहुँच जाएगा तो उसकी गुणवत्ता का परीक्षण करके किसानों को उनका भुगतान स्वचालित माध्यम से जारी कर दिया जाता है।  यह प्रक्रिया समय की बचत के साथ यह सुनिश्चित करती है की किसानों को बेहतर कीमत प्राप्त हो।   

 

बीमा और वित्तीय सेवाओं तक आम किसानों की  पहुँच 

 

भारतीय किसान प्रायः वित्तीय और बीमा सेवा की लाभ लेने से वंचित रहते है। ब्लॉकचेन के पारदर्शी और अपरिवर्तनीय रिकॉर्ड वित्तीय संस्थानों को किसानों के लेनदेन के इतिहास का ब्यौरा रखकर किसानों की साख का आकलन करने में सक्षम बना सकते हैं, जिससे ऋण और अन्य वित्तीय सहायता तक पहुंच आसान हो जाती है।

 

उदाहरण:   

उत्तर प्रदेश में एक युवा किसान अपने  कृषि कार्य का विस्तार करना चाहता  है  परन्तु उसके पास आवश्यक धन की कमी है जिसके लिए वह लोन लेना चाहता है। ब्लॉकचैन प्लेटफार्म पर इस किसान के पिछले सभी लेनदेन  का ब्यौरा दर्ज होता है।  इस डेटा का उपयोग बैंकों द्वारा अनुकूलित ऋण उत्पादों की पेशकश करने के लिए किया जा सकता है, जिससे दोनों पक्षों के लिए जोखिम कम हो जाएगा।

NASSCOM की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कृषि क्षेत्र में ब्लॉकचेन तकनीक के कार्यान्वयन से किसानों की आय में 20-25% की वृद्धि हो सकती है।

 

निष्कर्ष   

 

ब्लॉकचेन तकनीक भारत  के कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने की अभूतपूर्व क्षमता रखती है। ये टेक्नोलॉजी किसानो को बिचौलियों से निजात दिलाने के साथ साथ वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुँच बनाती  है।  यह सुविधा किसानों को उनकी कड़ी मेहनत उचित प्रतिफल देने का विश्वास जगाती है।  भारतीय कृषि में क्रांति लाने में सक्षम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी तभी प्रभावी हो सकेगी जब इसको सरकार, निजी क्षेत्र और किसानों का व्यापक समर्थन मिले।  ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी भविष्य में बिचौलियों के प्रभाव को हटाकर किसान और उपभोक्ता दोनों को लाभ पहुंचाएगी।   

 

FAQ 

 

प्रश्न . ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी  क्या है और इसका भारतीय कृषि से क्या संबंध है?

उत्तर: ब्लॉकचेन तकनीक एक विकेन्द्रीकृत बही-खाता प्रणाली है जो कई कंप्यूटरों पर लेनदेन को रिकॉर्ड करती है। भारतीय कृषि क्षेत्र में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के प्रयोग द्वारा उत्पादन से लेकर वितरण तक आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त बनाया जा सकता है।   

 

प्रश्न . ब्लॉकचेन भारतीय कृषि आपूर्ति श्रृंखला ट्रैकिंग सिस्टम को बेहतर बनाते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकता है? 

 उत्तर: ब्लॉकचेन कृषि आपूर्ति श्रृंखला के अंतर्गत प्रत्येक लेनदेन का  सुरक्षित और अपरिवर्तनीय रिकॉर्ड रखता है । यह सुनिश्चित करता है  कि सभी हितधारक उपज को खेत से लेकर खाने के टेबल तक पारदर्शिता के साथ ट्रैक कर सकते हैं , कमियों की पहचान के साथ साथ खाद्य पदार्थ में मिलावट जैसी घटनाओं के प्रति एक्शन ले सकते हैं।  

 

प्रश्न. भारतीय कृषि क्षेत्र में ब्लॉकचेन लागू करने से क्या लाभ हो सकते हैं ?

 उत्तर: भारतीय कृषि में ब्लॉकचेन को लागू करने से ट्रेसेब्लिटी में आसानी , धोखाधड़ी में कमी, बाजार पहुंच में सुधार, क्षमता में वृद्धि, किसानों को  उचित मूल्य तथा अपनी उपज के लिए बेहतर निर्णय लेने के लिए  डाटा उपलब्ध होगा।

 

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