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सांसद राघव चड्ढा का निलंबन और संसद के नियम

आम आदमी पार्टी के स्टाइलिश सांसद राघव चढ़ा को संसद से निलंबित कर दिया गया है। वह अब संसद की आगे की कार्यवाहियों में भाग नहीं ले पाएंगे।  राघव चड्ढा के निलंबन को लेकर  आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।  एक पक्ष इस निलंबन को सही बता रहा है तो दूसरा पक्ष इस निलंबन के विरुद्ध है।  तो चलिए इस ब्लॉग जानते हैं राघव चड्ढा के विषय में तथा क्या हैं एक सदस्य के निलंबन के नियम । 

 

सांसद राघव चड्ढा का निलंबन और संसद के नियम
निलबंद संबंधित संसद के नियम

 

आखिर क्यों किया गया निलंबन

 

आप संसद राघव चड्ढा पर  यह कार्रवाई  दिल्ली सेवा विधेयक पर पांच सांसदों के फ़र्ज़ी हस्ताक्षर लेने के कारण हुयी है।  राघव चड्ढा पर ये आरोप है की उन्होंने सांसदों की सदस्यता वाली जो समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था तो उस पर उन सांसदों की सहमति नहीं ली गयी थी।  राघव चड्ढा पर लगे आरोपों की जांच अब  विशेषाधिकार समिति करेगी। अब जब तक इस समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक राघव चड्ढा राज्य सभा की सदस्यता से निलंबित रहेंगे। 

 

सांसदों के निलंबन के क्या हैं नियम ?

 

संसद सदस्यों के निलंबन का अधिकार लोकसभा में  अध्यक्ष तथा राज्यसभा में सभापति के पास होता है।  सांसदों पर निम्नलिखित नियमों के अंतर्गत निलंबन की कार्यवाही की जा सकती है 

लोकसभा सदस्य के लिए नियम

 

  1. नियम 373: स नियम के अंतर्गत किसी सदस्य का आचरण खराब पाए जाने पर [अध्यक्ष उसे संसद से चरण बहार जाने का निर्देश  दे सकते हैं।  जिस सदस्य को ये निर्देश मिलेगा उसे तुरंत आज्ञा का पालन करना होगा तथा शेष दिन की बैठक में वह अनुपस्थित रहेगा।
  2. नियम 374:  इस नियम के अंतर्गत अध्यक्ष  उसके अधिकार की अवहेलना करने वाले या सदन के नियमों को बार बार जान बूझकर उल्लंघन  करने वाले सदस्य का नाम ले सकता है।  नामित सदस्य का अनधिक अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया जाता है
  3. नियम 374A:  यह नियम अधिक कठोर है।  इस नियम को वर्ष 2001 में नियम पुस्तिका में शामिल किया गया।  इस नियम के अंतर्गत अध्यक्ष गंभीर आरोपों या घोर उल्लंघन के मामले में नामित सदस्य सदन की लगातार पांच बैठकों या सत्र की शेष अवधि के लिये स्वतः निलंबित हो जाएगा।

राज्य सभा सदस्य के लिए नियम 

 

  1. नियम 255 :  इस नियम के अंतर्गत संदन के ऐसे सदस्य जिनका आचरण सदन के मर्यादा के अनुरूप नहीं है तो उन्हें सभापति निलंबन का निर्देश दे सकते हैं।   
  2. नियम 256 :  इस नियम के अंतर्गत मर्यादित आचरण न होने पर सभापति किसी सदस्य को शेष सत्र से अनधिक अवधि के लिये परिषद की सेवा से निलंबित कर सकता है। 

 

राघव चड्ढा  का जीवन परिचय

 

 राघव चड्ढा वर्तमान समय में आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं।  राघव चड्ढा के पिता का नाम सुनील चड्ढा और इनकी माता का नाम अलका चड्ढा है। राघव की आरंभ शिक्षा दिल्ली से हुयी है।  वर्ष 2009 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स विषय से स्नातक की डिग्री ली।  वर्ष 2011 में दिल्ली से ही चार्टेड अकाउंटेंट

  की डिग्री ली। मई 2023  बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री परणिति चोपड़ा से सगाई की।  ज्ञात हो की परिणीति चोपड़ा बॉलीवुड एवं हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा कजिन है।  

 

राजनीतिक सफर

 

राघव वर्ष 2012  में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली।  ये कोषाध्यक्ष बनाये गए।  वर्ष  2019 लोकसभा इलेक्शन में दिल्ली का प्रभारी बनाया गया।  वर्ष  2020 में उन्होंने राजेंद्र नगर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर दिल्ली विधानसभा के सदस्य बने।  वर्ष 2022 पंजाब से राज्य सभा के सदस्य बने।  तब से लेकर वह लगातार राजयसभा में विविध मुद्दों पर मुखर रहे रहे हैं ।  

 

आगे क्या होगा 

राघव चड्ढा के निलंबन से संबंधित  सदस्यता की जांच  विशेषाधिकार समिति करेगी।  इस समिति निर्णय के आधार पर इनकी सदस्यता बहाली का निर्णय होगा।  

 

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