ज्ञान वाटिका

GYAAN VATIKA

ज्ञान की प्रयोगशाला

इलेक्ट्रिक साइकिल क्या है | इलेक्ट्रिक साइकिल की टेक्नोलॉजी | electric cycle in hindi

वर्तमान में मनुष्य के समक्ष दो सबसे बड़ी समस्याएं है। पहला अपना स्वास्थ्य और दूसरा  धरती का स्वास्थ्य।  आज मानव जहां कई  लाइफ स्टाइल से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित है, वहीं  विविध प्रकार के प्रदूषक तत्वों ने धरती के वातावरण को ज़हरीला बना दिया है । दोनों ही समस्याओं का एक ही  रामबाण इलाज़ हैं, जिसका प्रयोग करके वह अपना और धरती दोनों का स्वास्थ्य  बेहतर रख सकता है। जी हां यहां बात साइकिल की हो रही है और आज का दौर जब इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है तो भला साइकिल परिवर्तन के दौर में कैसे पीछे रह सकती है। अब  समाज में पारंपरिक  साइकिल की तुलना में  इलेक्ट्रिक साइकिल की पॉपुलरिटी तेजी से बढ़  रही है।  इस आर्टिकल में हम जानेंगे  इलेक्ट्रिक साइकिल और उसकी मैकेनिज्म, इलेक्ट्रिक साइकिल के प्रकार और प्रयोग की जाने  वाली महत्वपूर्ण एक्सेसरीज।  

 

इलेक्ट्रिक साइकिल क्या है | इलेक्ट्रिक साइकिल की टेक्नोलॉजी | electric cycle in hindi

 

इलेक्ट्रिक साइकिल क्या है (What is Electric Cycle)  :कॉम्पोनेन्ट और मैकेनिज्म 

 

इलेक्ट्रिक साइकिल को e -बाइक के नाम से जाना जाता है। यह मानव द्वारा की जाने वाली पैडलिंग और इलेक्ट्रिक मोटर द्वारा उत्पन्न ‘शक्ति के संयोजन द्वारा संचालित होती है।  इलेक्ट्रिक साइकिल के कई महत्त्वपूर्ण भाग होते हैं जिनका तालमेल इलेक्ट्रिक साइकिल चालक को राइडिंग का अनूठा अनुभव देते हैं  चलिए साइकिल के महत्वपूर्ण भाग और उनकी मैकेनिज्म को जानते हैं।  

 

1.इलेक्ट्रिक मोटर(Electric Motor) :

इलेक्ट्रिक मोटर इलेक्ट्रिक साइकिल का ह्रदय होती है। यह  साइकिल चालक को पैडलिंग के दौरान आवश्यक शक्ति प्रदान करती है। साधारणतः इलेक्ट्रिक साइकिल में दो प्रकार की मोटर का प्रयोग किया जाता है।  

 

  • हब मोटर ( Hub Motor):

    यह साइकिल के पहिये के हब में स्थापित की जाती है।  यह सीधे पहिये को घुमाने का कार्य करता है।  हब मोटर साधारण और भरोसेमंद होती हैं तथा इनका मेंटेनन्स भी कम होता है।

  • मिड ड्राइव मोटर ( Mid-Drive Motor):

    यह  क्रैंकसेट के पास स्थित होती है।  मिड ड्राइव मोटर गियर और चेन  को समायोजित करती है।  इस मोटर का लाभ ये है की ये राइडर को  गियर की अधिक रेंज को प्रयोग करने के लिए ‘शक्ति उत्पन्न  करती है। इसमें उच्च ऊर्जा दक्षता  पायी जाती है।

 

2.बैटरी (Batteries):

 

इलेक्ट्रिक कार में रिचार्जेबल बैटरी का प्रयोग किया जाता है।  बैटरी इलेक्ट्रिक ऊर्जा को संग्रहित  मोटर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है। इलेक्ट्रिक साइकिल में सामान्यतः लिथियम आयन बैटरी का प्रयोग किया जाता है।  इस बैटरी की विशेषता उच्च ऊर्जा घनत्व, वजन में हल्की और अधिक लाइफ है। बैटरी की क्षमता को वाट/ऑवर में मापा जाता है। बैटरी की क्षमता इस बात को निर्धारित करती हैं की साइकिल सिंगल चार्ज में कितनी दूरी तय करेगी।   

 

3.कंट्रोलर और सेंसर (Controllers and Sensors):

 

कंट्रोलर इलेक्ट्रिक साइकिल का मस्तिष्क होता है। ये मोटर की पावर को नियंत्रित करता है।  यह विभिन्न सेंसर से इनपुट को प्राप्त करके साइकिल सवार को राइडिंग के समय पैडलिंग बल, गति इत्यादि का उचित समायोजन करता है। उदहारण के तौर पर  स्पीड सेंसर(पहिये की गति) , केडेन्स सेंसर(पैडलिंग रवोलुशन प्रति मिनट) और ,टार्क सेंसर (पैडलिंग की बल) को मापता है।  

 

4.डिस्प्ले और यूजर इंटरफ़ेस ( Display and User Interface):

 

डिस्प्ले यूनिट इलेक्ट्रिक साइकिल के हैंडल पर लगी होती है जिसका कार्य साइकिल की स्थिति के विषय में राइडर को जानकारी उपलब्ध कराना है।  डिस्प्ले यूनिट साइकिल द्वारा तय की गयी दूरी,साइकिल की  गति, बैटरी की स्थिति इत्यादि के विषय में डाटा को प्रस्तुत करता  है।  कुछ मॉडल स्मार्ट फीचर के साथ भी आते हैं जिसमें नेविगेशन प्रणाली, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, स्मार्ट फोन एकीकरण के सुविधा प्राप्त होती है।   

 

5. पेडल असिस्टेंस  ( Pedal Assistance):

 

जब एक साइकिल सवार राइडिंग के समय पैडलिंग करता है तब मोटर उसके इस कार्य में सहायता करती है। कंट्रोलर अथवा डिस्प्ले यूनिट द्वारा मोटर से प्राप्त सहायता को अलग अलग मोड द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। पेडल असिस्टेंस मानव और विद्युत शक्ति के संयोजन द्वारा   राइडर का सफर आराम और सुकूनदायक बनाती है।

 

6.रिजेनेरटिव  ब्रेकिंग सिस्टम ( Regenerative Breaking System) :

 

साइकिल के कुछ मॉडल्स में रिजेनेरटिव ब्रेकिग सिस्टम पाया जाता है।  यह सिस्टम साइकिल में ब्रेक लगाने पर बैटरी को रिचार्ज करता है। ये मैकेनिज्म  इलेक्ट्रिक साइकिल की क्षमता और रेंज को बढ़ाता है।  

जब एक राइडर साइकिल में पैडलिंग करना आरम्भ करता है तो साइकिल में लगा सेंसर पैडलिंग बल, गति और लय से सम्बंधित डाटा का  सिगनल कंट्रोलर के पास भेजता है।  कंट्रोलर राइडर द्वारा चुने गए पावर मोड और सेंसर द्वारा उपलब्ध इनपुट के आधार पर मोटर द्वारा प्राप्त की जाने वाली क्षमता को निर्धारित करता है।  मोटर राइडर के पैडलिंग पावर को अतिरिक्त शक्ति प्रदान करता है जिसके परिणाम स्वरुप इलेक्ट्रिक साइकिल को गति प्राप्त होती है।  

 

 

इलेक्ट्रिक साइकिल vs पारंपरिक साइकिल   (Electric Cycle vs. Traditional Cycle: Key Differences and Advantages):

 

वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक साइकिल  पारंपरिक  साइकिल के विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण लोकप्रियता हासिल कर रहा है। भले ही दोनों प्रकार की साइकिल में कुछ समानताएं दिखयी पड़ती हैं किन्तु कुछ  यूनिक फीचर इसे पारम्परिक साइकिल से अलग करते हैं जिनका उल्लेख निम्लिखित है। 

 

1.इलेक्ट्रिक मोटर से सहायता  (Assistance from Electric Motor):

 

दोनों प्रकार की साइकिल में सबसे बड़ा अंतर इलेक्ट्रिक मोटर की स्थापना है। इलेक्ट्रिक मोटर इलेक्ट्रिक साइकिल की पैडलिंग के समय सवार को अतिरिक्त शक्ति प्रदान करता है।  इसके कारण साइकिल सवार कम शारीरिक शक्ति का प्रयोग करते हुए अधिक दूरी तय कर सकता है।  विशेषकर हिल एरिया में जहाँ पर पैडलिंग  के लिए अतिरिक्त शक्ति की आवश्यकता होती है।  इलेक्ट्रिक पावर साइकिल की रेंज तक व्यक्ति की पहुँच को विस्तृत बनता है इसमें ऐसे लोग  भी शामिल होते हैं जिनकी शारीरक क्षमता कम होती है। जबकि पारंपरिक  साइकिल पूर्णतया मानवीय शक्ति द्वारा संचालित होती है।  

 

2.विस्तृत रेंज और गति ( Extended Range and Speed):

 

इलेक्ट्रिक साइकिल पारंपरिक  साइकिल की तुलना में  राइडर को अधिक दूरी तय करने में सक्षम बनाती है।  इलेक्ट्रिक मोटर साइकिल सवार को अतिरिक्त शक्ति प्रदान करती है जिसके कारण कम शक्ति का प्रयोग करते हुए अधिक अवधि तक तेज गति से साइकिल चलाई जा सकती है। साइकिल की अतिरिक्त रेंज और गति आवागमन को आसान बनाती है।   इसके द्वारा कम  थकावट और  कम पसीना बहाये अधिक दूरी तय की जा सकती है।  

 

3.कस्टमाइज पावर लेबल  (Customizable Power Levels):

 

इलेक्ट्रिक साइकिल में पावर लेवल को व्यवस्थित करने के लिए मोड दिए होते हैं।  एक राइडर के पास राइडिंग की परिस्थिति के अनुरूप अपनी प्राथमिकता के आधार पर सेटिंग को चुनने के कई विकल्प होते हैं।  जैसे किसी ऊँची सतह पर चढ़ाई और तेज हवा के विपरीत साइकिल को चलने के लिए अधिक पावर की आवश्यकता होती है, वहीं  समतल सतह या फिर फिटनेस वर्क के लिए कम पॉवर की आवश्यकता होती है। अपनी आवश्यकता के अनुसार पावर को काम या ज्यादा किया जा सकता है। पारंपरिक  साइकिल  में ऐसा संभव नहीं होता है।   

 

4.प्रयोग में सरलता   (Ease of Use):

 

इलेक्ट्रिक साइकिल उपयोगकर्ता के अनुकूल निर्मित की जाती है ताकि साइकिलिंग के समय कम मेहनत की आवश्यकता पड़े। इलेक्ट्रिक मोटर और राइडर के पैडलिंग का समायोजन इस प्रकार होता है की यह राइडर को एक प्राकृतिक और सहज राइडिंग अनुभव देता है। प्रयोग में सरलता के कारण इलेक्ट्रिक साइकिल प्रत्येक उम्र के व्यक्ति को अपनी और आकर्षित करती है।  

 

5.शारीरिक तनाव में कमी  (Reduced Physical Strain):

 

इलेक्ट्रिक साइकिल लम्बी अवधि की राइडिंग या चुनौतीपूर्ण ट्रैक द्वारा उत्पन्न शारीरिक तनाव में कमी  लाती है।  एक राइडर बिना अधिक थकावट और उच्च शारीरिक क्षमता के साइकिलिंग का आनंद ले सकता है । कम शारीरिक तनाव इलेक्ट्रिक साइकिल को मनोरंजक एवं यातायात की गतिविधियों के लिए लोकप्रिय बना सकता है जो की सामान्य साइकिल के साथ एक चुनौती पूर्ण कार्य है।  

 

6 .लचीलापन  और विविधता (Flexibility and Versatility):

इलेक्ट्रिक साइकिल राइडिंग के समय मैन्युअल और इलेक्ट्रिक मोड की सुविधा प्रदान करती है।  राइडर पैडलिंग के साथ इलेक्ट्रिक मोटर को प्रयोग में ला सकते हैं या फिर इलेक्ट्रिक मोटर को बंद करके पारंपरिक  साइकिल की तरह सिर्फ पैडलिंग  कर सकते हैं। 

 

 

इलेक्ट्रिक साइकिल के प्रकार (Types of Electric Cycles):

 

एक व्यक्ति की आवश्यकता और प्राथमिकता अलग अलग होती है। आप को प्रतिदिन की दिनचर्या के लिए साइकिल को प्रयोग में लाना हो या फिर रोमांच पसंद है।  अलग अलग व्यक्तियों की पसंद के अनुसार साइकिल के विविध प्रकार उपलब्ध हैं।  चलिए कुछ साइकिल के प्रकारों को जानते हैं।    

1.सिटी कम्यूटर इलेक्ट्रिक साइकिल (City Commuter Electric Cycles):

 

सिटी कम्यूटर साइकिल  को शहरी वातावरण और दैनिक आवागमन के लिए डिज़ाइन किया गया है। वे आराम, व्यावहारिकता और दक्षता को प्राथमिकता देते हैं। इन साइकिल में स्टेप-थ्रू फ्रेम, पानी या कीचड के छीटों से बचाने के लिए फेंडर, बढ़ी हुई दृश्यता के लिए इंटीग्रेटेड लाइट्स और कार्गो या किराने का सामान ले जाने के लिए रैक या बास्केट होते हैं। सिटी ई-बाइक में आमतौर पर  मध्यम ‘शक्ति की मोटर को प्रयोग किया जाता है जो शहर की समतल सतहों के अनुकूल होती है।  

 

2.इलेक्ट्रिक माउंटेन बाइक (e-MTBs):

 

 इलेक्ट्रिक माउंटेन बाइक ऑफ-रोड रोमांच और चुनौतीपूर्ण स्थानों पर राइडिंग के लिए निर्मित की जाती हैं।   बेहतर क्षमता प्राप्त करने के लिए  साइकिल में मजबूत फ्रेम, सस्पेंशन सिस्टम और नॉबी टायर का प्रयोग किया जाता है। ई-एमटीबी में स्थापित मोटर  राइडर्स  को खड़ी पहाड़ियों पर चढ़ने और उबड़-खाबड़ रास्तों पर पर संतुलन में सहायता करने के लिए उच्च शक्ति और टॉर्क प्रदान करता है। अकार में बड़ी बैटरी के प्रयोग के कारण यह  लम्बी दूरी की यात्रा के लिए भी उपयुक्त होती है। 

 

3.फोल्डिंग इलेक्ट्रिक साइकिल  (Folding Electric Cycles):

 

फोल्डिंग इलेक्ट्रिक साइकिल  को पोर्टेबिलिटी और सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है। साइकिल की फोल्डिंग मैकेनिज्म इसे आसानी से पैक करने और  परिवहन के लिए  उपयुक्त होती है।  यह ऐसे व्यक्तियों के लिए साइकिल का आदर्श मॉडल है जो साइकिलिंग के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का प्रयोग करना चाहते हैं या जिनके पास स्टोरेज की सीमित क्षमता होती है।  फोल्डिंग साइकिल में हलके फ्रेम और छोटे पहिये होते हैं जो इसे ‘शहरी वातावरण के अनुकूल बनाते हैं। साइकिल का फोल्डिंग सिस्टम उपभोक्ता को भंडारण या परिवहन के लिए साइकिल को आसानी से संकुचित करने की सुविधा देता  है।

 

4.इलेक्ट्रिक कार्गो साइकिल (Electric Cargo Cycles):

 

इलेक्ट्रिक कार्गो साइकिल, या ई-कार्गो बाइक, विशेष रूप से माल परिवहन या भारी भार ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इसमें  मजबूत फ्रेम और कार्गो के लिए अधिक स्थान दिया गया है।  जैसे आगे या पीछे बड़ा सा रैक। इलेक्ट्रिक कार्गो बाइक व्यावसायिक उद्देश्यों, डिलीवरी  सर्विस और पारिवारिक आवश्यकताओं जैसे ग्रोसरी, पैकेज, बच्चे इत्यादि को ले आने जाने की क्षमता के कारण लोकप्रिय है।  इसमें प्रयुक्त मोटर अधिक क्षमता के कारण साइकिल सवार के अनावश्यक शारीरिक तनाव को काम करती है।  

 

5.इलेक्ट्रिक रोड साइकिल (Electric Road Bikes):

 

इलेक्ट्रिक रोड बाइक उन सवारों के लिए डिज़ाइन की गई हैं जो इलेक्ट्रिक पावर के साथ रोड पर स्पीड और दक्षता चाहते हैं।  ये साइकिल पारम्परिक साइकिल के तरह वजन में हल्की, ड्राप हैंडल बार और पतले टायर  से युक्त होती है। इलेक्ट्रिक रोड साइकिल में स्थापित मोटर  हलके वजन और वायु गतिकी विशेषताओं के लिए काम पॉवर का प्रयोग करती हैं ताकि चुनौती पूर्ण चढ़ाई या लम्बी दूरी की यात्रा के लिए अधिक पावर का प्रयोग कर सके।   

 

6.इलेक्ट्रिक फैट साइकिल  (Electric Fat Bikes):

 

इलेक्ट्रिक फैट साइकिल  अपने बड़े, चौड़े टायरों के लिए जानी जाती हैं जो बर्फ, रेत, या ढीली बजरी जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों पर उत्कृष्ट कर्षण और स्थिरता प्रदान करते हैं। इलेक्ट्रिक फैट साइकिल  ऐसे व्यक्तियों की पहली पसंद होती है जो ऑफ रोड चुनौतीपूर्ण ट्रैक को ज्यादा पसंद करते हैं।  साइकिल में प्रयोग की जाने वाली ‘शक्तिशाली मोटर और उसकी अधिक कैपेसिटी क्षमता इसे मांग के अनुरूप सक्षम बनाती है।  

 

7.इलेक्ट्रिक रेकमबेंट साइकिल (Electric Recumbent Bikes):

 

इलेक्ट्रिक रेकमबेंट साइकिल  में झुकी हुई सीट के साथ आरामदेह राइडिंग पोजीशन होती है । ये बाइक सवार को आराम प्रदान करती है।  विशेष रूप से ऐसे सवार जो पीठ या जोड़ों की समस्या का सामना कर रहे हैं उनके लिए बहुत उपयुक्त होती है।   साइकिल की संरचना इस प्रकार की होती है कि सवार के शरीर का सारा भार अधिक स्थान पर वितरित हो जाता है जिसके कारण राइडिंग के समय शरीर कम तनाव लेता है।  इलेक्ट्रिक रेकमबेंट साइकिल ऐसे व्यक्तियों के लिए खास  है  जो एक लम्बे टूर के लिए आरामदायक और सुकूनभरा सफर चाहते हैं।  

 

8.इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल  (Electric Tricycles):

साइकिल का ये मॉडल तीन पहियों के प्रयोग के कारण अधिक संतुलन प्रदान करता है।  ये साइकिल ऐसे सवार के लिए उपयोगी है जिन्हें दो पहिये की साइकिल में संतुलन बनाने में कठिनाई होती है या फिर जिन्हें सामान अथवा सवारी को ढोना  होता है।  साइकिल का ये मॉडल चलने फिरने में असमर्थ व्यक्ति, बूढ़े और छोटी फॅमिली में अधिक लोकप्रिय है।  

 

 

इलेक्ट्रिक साइकिल एक्सेसरीज (Electric Cycle Accessories: Must-Have Gear for Safety and Comfort)

 

जब आप इलेक्ट्रिक साइकिल को दैनिक जीवन में प्रयोग में लाते हैं तब आपको कुछ एक्सेसरीज की आवश्यकता होती है जो आपकी यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं।  

 

1.हेलमेट  (Helmet):

 

हेलमेट किसी भी प्रकार की साइकिल राइडिंग के लिए सबसे आवश्यक  एक्सेसरीज  है।  हेलमेट किसी भी दुर्घटना के समय सर को गंभीर चोट से सुरक्षा प्रदान करता है।  ऐसे हेलमेट का चुनाव करें जिसके सेफ्टी फीचर, फिटिंग और वेंटिलेशन आपके लिए अनुकूल हो। 

 

2 प्रकाश (Lights):

 

साइकिल में आगे और पीछे की लाइट एक महत्वपूर्ण भाग है।  ये रात के समय या काम प्रकाश में दृश्यता को बढ़ता है। साइकिल में लाइट लगी होने के कारण दूसरे व्हीकल ड्राइवर को सड़क पर आपकी स्थिति का अच्छे से पता चल जाता है। अलग-अलग राइडिंग कंडीशंस के हिसाब से अलग-अलग मोड्स वाली ब्राइट एलईडी लाइट्स चुनें। 

 

3.लॉक (Lock):

 

अपनी इलेक्ट्रिक साइकिल को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत लॉक को प्रयोग में लाएं। एक उच्च गुणवत्ता वाले लॉक में निवेश करें जो आसानी से काटा नहीं जा सकता हो तथा सुरक्षा की विश्वनीयता देता हो।   साइकिल चालकों के बीच केबल लॉक या यू-लॉक लोकप्रिय विकल्प हैं। 

 

4.मिरर ( Mirrors):

 

हैंडलबार्स या हेलमेट पर लगे मिरर राइडिंग के समय सड़क पर आपको जागरूक बनाये रखते हैं।  मिरर आपको बिना सर को घुमाये आपके पीछे के वाहनों की स्थिति को बता देते हैं।  इसके कारण आप सुरक्षित रूप से  साइकिल का लेन परिवर्तन या मोड़ सकते हैं। 

 

5.फेंडर्स  (Fenders):

 

फ़ेंडर आपको और आपके इलेक्ट्रिक साइकिल पर पानी, कीचड़ और मलबे को छींटे पड़ने से रोककर आपको साफ़ और सूखा रखने में मदद करते हैं। ये बरसात के  मौसम के दौरान या कीचड वाले क्षेत्रों में साइकिलिंग के  समय विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। ऐसे फेंडर का चुनाव करें  जो आपके इलेक्ट्रिक साइकिल के पहिये के आकार में फिट हों।

 

6.पन्नीयर्स और बाइक बैग्स  (Panniers or Bike Bags):

 

यदि आपको साइकिलिंग के  दौरान सामान ले जाने की आवश्यकता है, तो पैनियर या बाइक बैग सुविधाजनक भण्डारण क्षमता प्रदान करते हैं। इन बैगों को आपके इलेक्ट्रिक साइकिल के आगे या पीछे के रैक से जोड़ा जा सकता है, जिससे किराने का सामान, आवश्यक कार्य या अन्य सामान ले जाने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।

 

7. बेल हॉर्न (Bell or Horn):

 

पैदल चलने वालों, अन्य साइकिल चालकों, या मोटर चालकों को आपकी उपस्थिति के बारे में सचेत करने के लिए घंटी या हॉर्न आवश्यक है। यह आपकी यात्रा को सुरक्षित रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्पष्ट और श्रव्य ध्वनि के साथ घंटी या हॉर्न चुनें।

 

8.किकस्टैंड (Kickstand):

 

एक किकस्टैंड आपको अपने इलेक्ट्रिक साइकिल को आसानी से पार्क करने और इसे दीवार या अन्य सतहों के खिलाफ झुके बिना सीधा रखने की अनुमति देता है। यह स्थिरता प्रदान करता है और आपके इलेक्ट्रिक साइकिल  को पलटने से रोकता है, विशेष रूप से वस्तुओं को लोड या अनलोड करते समय।

 

9.साइकिलिंग ग्लव्स (Cycling Gloves):

 

सायक्लिंग ग्लव्स अधिक अवधि की साइकिलिंग  के दौरान आपके हाथों के लिए पकड़, आराम और सुरक्षा प्रदान करते हैं। वे हाथ की थकान को कम करने और साइकिल के वाइब्रेशन  को अवशोषित करने के लिए पैडिंग और कुशनिंग प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे हैंडलबार पर अच्छी पकड़ बनाते हैं और गिरने की स्थिति में आपके हाथों की रक्षा करते हैं।

 

10. बाइक कम्प्यूटर्स अथवा जीपीएस (Bike Computer or GPS):

 

एक बाइक कंप्यूटर या जीपीएस डिवाइस आपकी गति, यात्रा की दूरी और अन्य सवारी आंकड़ों को ट्रैक करने की सुविधा देता है। यह नेविगेशन सहायता भी प्रदान कर सकता है, जिससे आपको सर्वोत्तम मार्ग खोजने और आत्मविश्वास के साथ नए क्षेत्रों का पता लगाने में मदद मिलती है।

 

इलेक्ट्रिक साइकिल की लोकप्रियता में समय के साथ वृद्धि हो रही है।  जैसे जैसे दुनिया स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देगी इलेक्ट्रिक साइकिल की डिमांड बढ़ती जायेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top