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इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी पैक क्या है? What Is ev Battery Pack ?

 

इलेक्ट्रिक वाहन  को भविष्य का वाहन कहा जाता है। इलेक्ट्रिक वाहन की सफलता का सारा दारोमदार उसमें प्रयोग की जाने वाली बैटरी पैक  (Battery Pack)  की क्षमता पर निर्भर करता है। इलेक्ट्रिक वाहन की तरफ ग्राहकों का रुझान तभी होगा  जब बैटरी में प्रयुक्त  बैटरी पैक की डिज़ाइन वर्तमान समय में प्रयोग किये जा रहे  पेट्रोलियम इंजन से बेहतर क्षमता प्रदर्शित करती हो ।  इस ब्लॉग में इलेक्ट्रिक बैटरी से सम्बंधित विविध आयामों से परिचित होंगे। 

 

 

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी पैक क्या है? What Is ev Battery Pack ?
battery packs in the the electric car

सबसे पहले बैटरी पैक की क्षमता को प्रभावित करने वाली समस्याओं को जानते हैं फिर आगे चलकर बैटरी पैक की कार्य प्रणाली को समझते हैं.  यहाँ कुछ सामान्य समस्याएं दी जा रही हैं जो बैटरी पैक की क्षमता को प्रभावित करती है।  

  • ठंडा तापमान बैटरी की क्षमता के प्रदर्शन को प्रभावित करता।  एक बैटरी 20°C से 25°C के मध्य बेहतर कार्य करती है। इसीलिए बैटरी की क्षमता के निर्धारण में तापमान प्रमुख कारण में एक है।     
  • प्राकृतिक रूप से घिसावट के कारण बैटरी अपनी क्षमता को खो देती है।  बैटरी निर्माता को इस बात का ध्यान रखना होगा की इसके कारण एक चालक का ड्राइविंग का अनुभव खराब न होने पाए। 
  • बैटरी के बेहतर प्रदर्शन के लिए इसमें प्रयोग किये जाने वाले सभी बैटरी सेल एक समान वोल्टेज पर चार्ज होना चाहिए, जिसके कारण उनमें संतुलन बना रहता। परन्तु जैसे जैसे बैटरी  पुरानी हो जाती है  ये सेल अपने  संतुलन बनाये रखने की क्षमता खो देते है।
  • बैटरी की क्षमता पेट्रोलियम वाहनों की तुलना में सीमित है।  इसी कारण यह लम्बी दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं है।  
  • इलेक्ट्रिक बैटरी पैक की लागत पेट्रोलियम वाहनों की तुलना में अधिक होने के कारण ग्राहकों इसे खरीदने में काम रूचि दिखाते हैं।  
  • पेट्रोलयम वाहनों में ईंधन भरने की तुलना में इलेक्ट्रिक बैटरी पैक को चार्ज करने में  अधिक समय लगता है।  फ़ास्ट चर्जिंग पावर स्टेशन भी अधिक समय लेते हैं। 
  • समय के साथ बैटरी पैक की क्षमता में गिरावट आती है। बैटरी पैक को बदलकर नया बैटरी पैक लगवाना महंगा पड़ता है।  
  • बैटरी पैक में प्रयोग किया जाने वाला लिथियम आयन सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करता है।  इसमें आग लगने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा थर्मल रनवे की समस्या हो सकती है। इसमें बैटरी के गरम होने पर बैटरी सेल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।  इसके परिणाम स्वरूप मुक्त होने वाली ऊर्जा से बैटरी में विस्फोट भी हो सकता है।  हालांकि इस समस्या को बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery  Management  System )  द्वारा दूर किया जा सकता है।  

 

बैटरी पैक क्या है (What is a ev Battery Pack?)

 बैटरी पैक (battery pack)  ऐसा उपकरण है जो इलेक्ट्रिक ऊर्जा को संग्रहित  करता है  जिसका उपयोग इसके द्वारा चलने वाले उपकरण में किया जाता है। जैसे  इलेक्ट्रिक वाहन में संगृहीत ऊर्जा का उपयोग ।  यह ऊर्जा बैटरी सेल में संगृहीत होती है जहाँ बैटरी पैक  एकदूसरे से जुड़े होते हैं। एक बैटरी पैक द्वारा ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित मात्रा में वोलटेज की आवश्यकता होती है जिसे केवल एक सेल द्वारा नहीं प्राप्त किया जा सकता है। इसीलिए वोलटेज को बढ़ाने के लिए कई सेल एक श्रेणी में जुड़े होते हैं। 

 बैटरी की कुछ डिज़ाइन में कम क्षमता वाले सेल का प्रयोग किया जाता है। इस डिज़ाइन में  सेल को समनांतर क्रम में जोड़ा जाता है।  सामानांतर क्रम में जुड़े हुए ये सेल इस प्रकार ऊर्जा प्रदान करते हैं जैसे की वो एक बड़े अकार के सेल हैं। 

बैटरी पैक भी कई छोटे छोटे भागों  से बने होते हैं जिसे बैटरी मॉडल या फिर उप पैक कहा जाता है।  बैटरी मॉडल में श्रेणी एवं सामानांतर क्रम में जुड़े हुए थोड़ी मात्रा में बैटरी सेल होते हैं। ये कम  वोल्टेज वाले होते हैं इसलिए इनका इस्तेमाल सुरक्षित होता है।  एक बैटरी में मॉडल अपनी सेवा तभी देता है जब  बैटरी के कुछ सेल खराब हो जाएँ तथा जिन्हें पूरी बैटरी को बदले बिना बदला जा सके।  आमतौर पर इलेक्ट्रिक बैटरी में  श्रेणीक्रम में जुड़े हुए 4 से 40 मॉडल होते हैं।  

बैटरी पैक के प्रमुख भाग  (Main Components of a Battery Pack)

बैटरी पैक इलेक्ट्रिक वाहन में प्रयोग किया जाने वाला सबसे महंगा पार्ट होता है।  यह एक जटिल प्रणाली है जो कई भागों से मिलकर बनी होती है। इसके महत्वपूर्ण  घटक निम्नलिखित हैं।  

  • सेल( ​Cells)  बैटरी पैक का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।  बैटरी पैक में प्रयोग किया जाने वाले रसायनों का मिश्रण के आधार पर पैक अलग अलग प्रकार होते हैं। अलग अलग रासायनिक मिश्रण से निर्मित बैटरी की क्षमता और विशेषता अलग होती है। सामान्य रूप से बैटरी सेल दो प्रकार के होते हैं  पावर सेल एवं एनर्जी सेल।  इन दोनों बैटरी सेल के कई प्रारूप बाज़ार में उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग इलेक्ट्रिक वाहनों में किया जाता है।  इलेक्ट्रिक वाहनों में आमतौर पर ‘लिथियम आयन’ सेल का प्रयोग किया जाता है। कहीं कहीं इसके स्थान पर ‘निकल मेटल हाइड्राइड’ का भी प्रयोग किया जाता है। जो बैटरी की लाइफ को अधिक बेहतर बनाते हैं।  
  • इलेक्ट्रिक कनेक्टर (Electrical Connectors)  द्वारा  बसबार, तार अथवा अन्य वितरण कंडक्टर का का प्रयोग करके सेल अथवा सेल के समूह के मध्य एक कनेक्शन निर्मित किया जाता है। ये कनेक्शन ‘अल्ट्रासोनिक बॉन्डिंग’ अथवा ‘लेज़र वेल्डिंग’ का प्रयोग करके किया जाता है।  मॉडल्स के मध्य बसबार का  कनेक्शन फास्टनर्स के प्रयोग द्वारा यांत्रिक रूप से भी किया जा सकता है।  
  • थर्मल  इंटरफेस मटेरियल (Thermal Interface Materials)  द्वारा बैटरी के विभिन्न अवयवों  को आपस में जोड़ने के लिए  पेस्ट, चिपकने वाले पदार्थ, गैप फिलर्स का प्रयोग किया जाता है।  यह प्रक्रिया सतह पर थर्मल गुणों में वृद्धि करती है।  जैसे जैसे बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार हो रहा है  थर्मल इंटरफ़ेस मटेरियल  इसका एक आवश्यक घटक बन रहा है। 
  •  बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ( Battery Management System) (BMS)   बैटरी के सेल को अधिक वोलटेज, तापमान, करंट से सुरक्षा प्रदान करता है। यह सेल में संतुलन के लिए जिम्मेदार होता है।  यह सही वोल्टेज पर सेल के प्रदर्शन का निर्धारण करता है।  यह इंजन के प्रबंधन और ताप नियंत्रण में मध्यवर्ती भूमिका निभाता है।  इसमें सुरक्षा उपकरण भी सम्मिलित होते हैं जो आवश्यकता पड़ने पर बैटरी को बंद कर सकते हैं।   
  • बैटरी थर्मल मैनजमेंट  (Battery Thermal Management System) (BTMS)  इलेक्ट्रिक वाहन में पावर ट्रेन और केबिन में तापमान का नियंत्रण करता है। यह बैटरी सेल की सुरक्षा के लिए आवश्यक तापमान के अनुसार बैटरी को  गर्म और ठंडा रखता है। btms  प्रणाली के अंतर्गत हीट एक्सचेंजर, टयूब्स , होसेस, कोल्ड प्लेट्स, पम्पस, वाल्व और टेम्परेचर सेंसर जैसे घटक  सम्मिलित होते हैं।  
  • कांट्रेक्टर सिस्टम ( Contactor System)  बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा नियंत्रित एक स्विच है। यह मेन बैटरी और हाई वोल्टेज बस के विद्युत कनेक्शन को काट सकता है। जो करंट का प्रसार ट्रैक्शन मोटर एवं अन्य उच्च वोल्टेज वाले घटकों में प्रयुक्त किया जाता है।   
  • हाउसिंग ( Housing)  एक कठोर घेरा है जो बैटरी को पानी, धूल और नमक जैसे पर्यावरणीय कारकों से बचाता है। यह बैटरी में एक सटीक तापमान और विद्युत इन्सुलेशन बनाए रखने में मदद करता है।   यह जंग और धीमी गति से होने वाली क्षति को रोकता 
  •  कम्युनिकेशन  सिस्टम (Communications System) संचार प्रणाली इलेक्ट्रिक वाहन में अन्य घटकों के साथ संचार सुनिश्चित करती है। सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला प्रोटोकॉल CAN बस है।

बैटरी पैक के  डिज़ाइन के प्रकार  

 

12V बैटरी पैक  

यह कम वोल्टेज के कारण कम ऊर्जा की आवश्यकता वाले उपकरणों के लिए प्रयोग की जाती है जैसे हेड लाइट,रेडियो सिस्टम व अन्य सहायक उपकरण। हाइब्रिड और पेट्रोलियम वाहनों में इनका प्रयोग इंजन को स्टार्ट करने में किया जाता है। ये इलेक्ट्रिक वाहनों में एक ऐसे ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रयोग की जाती है जो मुख्य इलेक्ट्रिक बैटरी( traction  battery) के बिना ऊर्जा उत्पन्न करती है । उदाहरण के लिए इसका प्रयोग ट्रैक्शन बैटरी को सक्रिय करने और कुछ महत्वपूर्ण घटकों को पावर देने के तब किया जाता है जब सुरक्षा कारणों से बिजली काट दी गयी हो।

पारम्परिक रूप से 12 वोल्ट की बैटरी का निर्माण ‘लेड एसिड’ का प्रयोग करके बनाया गया था,  इसीलिए इन्हें लेड एसिड बैटरी कहा जाता है।  इस बैटरी पैक्स में सेल की संख्या 6 अंकों तक सीमित थी। वर्तमान 12 वोल्ट की बैटरी का निर्माण ‘लिथियम आयन’ से किया जा रहा है।  ये वजन में हल्के और बेहतर प्रदर्शन करने वाले होते हैं ।  

12V बैटरी छोटी होती हैं और आमतौर पर हुड के नीचे रखी जाती हैं। हाल ही में निर्माताओं ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से  उन्हें ट्रंक के अंदर रखना शुरू कर दिया है।  ट्रंक के अंदर यह  दुर्घटनाओं के दौरान शॉर्ट सर्किट की संभावना को कम करता है। सामने की और एक्सीडेंट अधिक होने के कारण पीछे के भाग  में स्थित बैटरी वाहन को अधिक सुरक्षा प्रदान करती है।

  

हाइब्रिड बैटरी पैक 

हाइब्रिड बैटरियों में EV बैटरियों की तुलना में कम मात्रा में ऊर्जा होती है और ये अकार में बहुत छोटी होती हैं।  आज की हाइब्रिड बैटरियों की सीमा आमतौर 50 से  80 किमी के बीच होती है। इनका प्रयोग वाहन को  पेट्रोलियम ईंधन का प्रयोग किये बिना  छोटी दूरियों के लिए किया जा सकता है।  हाइब्रिड बैटरी में यह एक बड़ा सुधार है।  क्योंकि आरम्भ में बैटरी की क्षमता मात्रा एक किलोमीटर ही थी।  हाइब्रिड बैटरी दहन इंजन के एक पूरक के रूप में कार्य करता है,   खासकर जब इंजन  को गति प्रदान करना हो।  इसका प्रमुख उद्देश्य पेट्रोलियम की खपत को जहाँ तक संभव हो काम करना है।  इस बैटरी की खूबी यही है की वाहन में ब्रेक लगाने पर बैटरी रिचार्ज हो जाती है।

 

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी पैक 

दूसरे बैटरी पैक की तुलना में  इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी एक पूर्ण क्षमता वाली बैटरी पैक होता है।  यह एक वाहन की संपूर्ण ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति करता है।  जैसे ट्रैक्शन मोटर और अन्य अवयव।  वर्तमान ईवी बैटरी 20 से 130 kWh की ऊर्जा क्षमता के प्रारूप में आती हैं । यह निर्धारित क्षमता का 95 प्रतिशत तक प्रयोग कर सकती हैं जो  किसी भी अन्य बैटरी की तुलना में काफी अधिक है।  मर्सिडीज कार के कुछ मॉडल तो एक बार में 780 किलोमीटर की दूरी पेशकश कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक वहां के वजन और आयतन में इलेक्ट्रिक वाहन   बैटरी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इनका वजन 400 किलोग्राम तक हो सकता है। ये वजन में इलेक्ट्रिक वाहन  का  चौथाई भाग होती  है।  वर्तमान समय में  400V से  900V क्षमता वाली बैटरी मार्केट में उपलब्ध हैं।  

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हाई परफॉरमेंस बैटरी पैक 

 इसको ‘ फार्मूला E  रेस’ के लिए डिज़ाइन किया गया है।  इनके दो प्रारूप उपलब्ध हैं -हाइब्रिड बैटरी पैक एवं शुद्ध बैटरी पैक।  ये बैटरी बहुत हलके पदार्थों से निर्मित होती है। कुछ बैटरी रिमूवेबल होती हैं इन्हें रेस के दौरान बहुत सरलता से बदला जा सकता है।  यद्यपि ये अकार में छोटी होती हैं परन्तु इनकी विद्युत  पैदा करने की क्षमता बहुत अधिक होती है।  ये कई सौ किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन कर सकती हैं।  पावर की आक्रामक मान के कारण इनका कूलिंग सिस्टम भी काफी बड़ा होता है।  ये बैटरी अन्य बैटरी की तुलना में अधिक ऊर्जा  दक्ष होती हैं क्यूंकि ये ब्रेक के दौरान रिचार्ज होती रहती हैं।  

पिछले एक दशक में बैटरी के बेहतर रेंज की मान को पूरा करने के लिए बैटरी पैक के डिज़ाइन को उन्नत बनाया गया है।  इलेक्ट्रिक वाहन की बढ़ती मांग ने कम लागत और अधिक गुणवत्ता वाली बैटरी के विकास के लिए बैटरी निर्माताओं को प्रेरित किया है।  वर्तमान समय बैटरी निर्माण में लेज़र जैसी तकनीकी के प्रयोग में निवेश किया जा रहा है।  

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